नए साल की शुरुआत में चीन ने अपने मनी सिस्टम को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। इस फैसले के बाद पूरी दुनिया की नजर इस बात पर टिक गई है कि इसका असर डॉलर पर क्या पड़ेगा। चीन दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और उसके किसी भी फैसले का असर बाकी देशों तक पहुंचता है। इस बार चीन ने अपनी मुद्रा व्यवस्था में ऐसे बदलाव किए हैं, जो लंबे समय में वैश्विक कारोबार और भुगतान के तरीके को बदल सकते हैं। इसलिए यह समझना जरूरी है कि चीन ने क्या बदला, क्यों बदला और इससे आगे क्या हो सकता है।
चीन ने मनी सिस्टम में क्या बदलाव किया
चीन ने अपने मनी सिस्टम को ज्यादा कंट्रोल और आधुनिक बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। इसमें डिजिटल भुगतान, सरकारी निगरानी और अपनी मुद्रा के इस्तेमाल को बढ़ाने पर जोर दिया गया है। चीन चाहता है कि उसके अंदर और बाहर होने वाले लेनदेन में उसकी खुद की मुद्रा का ज्यादा इस्तेमाल हो। इसके लिए नियमों में बदलाव किए गए हैं और नए डिजिटल तरीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे चीन को अपने पैसों के बहाव पर ज्यादा पकड़ मिलेगी और बाहर की मुद्राओं पर निर्भरता कम होगी।
चीन ऐसा फैसला क्यों ले रहा है
चीन लंबे समय से चाहता है कि वह डॉलर पर कम निर्भर रहे। अंतरराष्ट्रीय कारोबार में अभी भी डॉलर का दबदबा है, जिससे कई देशों को परेशानी होती है। चीन का मानना है कि अगर उसकी मुद्रा का इस्तेमाल ज्यादा होगा, तो वह अपने कारोबार और अर्थव्यवस्था को ज्यादा सुरक्षित रख पाएगा। इसके अलावा चीन पर लगे अलग अलग आर्थिक दबाव और वैश्विक हालात भी इस फैसले की बड़ी वजह हैं। चीन अब अपने सिस्टम को इस तरह तैयार कर रहा है कि बाहर के झटकों का असर कम पड़े।
डॉलर पर क्या असर पड़ सकता है
इस बदलाव का मतलब यह नहीं है कि डॉलर की ताकत तुरंत खत्म हो जाएगी। डॉलर अभी भी दुनिया की सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली मुद्रा है। लेकिन अगर चीन धीरे धीरे अपने और अपने साझेदार देशों के साथ कारोबार में डॉलर की जगह अपनी मुद्रा का इस्तेमाल बढ़ाता है, तो लंबे समय में डॉलर की पकड़ थोड़ी कमजोर हो सकती है। खासकर एशिया और कुछ विकासशील देशों में इसका असर दिख सकता है। हालांकि यह बदलाव धीरे होगा, अचानक नहीं।
दुनिया के दूसरे देश कैसे देख रहे हैं यह फैसला
कई देश चीन के इस कदम को ध्यान से देख रहे हैं। कुछ देश इसे एक नए विकल्प के तौर पर देख रहे हैं, जबकि कुछ अभी भी डॉलर को ही सबसे सुरक्षित मानते हैं। जिन देशों का चीन के साथ बड़ा कारोबार है, वे चीन की मुद्रा में लेनदेन के लिए ज्यादा खुले हो सकते हैं। वहीं पश्चिमी देश इस बदलाव को सावधानी से देख रहे हैं। कुल मिलाकर यह फैसला वैश्विक आर्थिक संतुलन में धीरे धीरे बदलाव ला सकता है।
आम लोगों पर इसका क्या असर होगा
आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर इसका असर तुरंत नहीं पड़ेगा। लेकिन आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय व्यापार, निवेश और डिजिटल भुगतान के तरीके बदल सकते हैं। अगर चीन की मुद्रा का इस्तेमाल बढ़ता है, तो कुछ देशों में भुगतान सस्ता और आसान हो सकता है। हालांकि यह सब धीरे धीरे होगा और इसके लिए भरोसे और स्थिरता की जरूरत होगी।
चीन की डिजिटल करेंसी का रोल क्या है
चीन काफी समय से अपनी डिजिटल करेंसी पर काम कर रहा है और नए मनी सिस्टम में इसका रोल और बढ़ गया है। डिजिटल करेंसी से सरकार को यह फायदा मिलता है कि हर लेनदेन पर उसकी नजर रहती है। इससे टैक्स चोरी और गलत पैसों पर रोक लगाई जा सकती है। चीन चाहता है कि लोग नकद और विदेशी ऐप्स की जगह सरकारी डिजिटल सिस्टम का इस्तेमाल करें। इससे मनी सिस्टम ज्यादा कंट्रोल में रहेगा और बाहर के देशों पर निर्भरता कम होगी।
अंतरराष्ट्रीय व्यापार में क्या बदलेगा
अगर चीन अपने व्यापार में डॉलर की जगह अपनी मुद्रा का ज्यादा इस्तेमाल करता है, तो अंतरराष्ट्रीय व्यापार का तरीका धीरे धीरे बदल सकता है। चीन जिन देशों से तेल, गैस या सामान खरीदता है, उनसे वह अपनी मुद्रा में भुगतान करने की कोशिश करेगा। इससे उन देशों को भी नया सिस्टम अपनाने का मौका मिलेगा। हालांकि यह बदलाव एकदम से नहीं होगा, लेकिन आने वाले समय में व्यापार के नियम बदलते दिख सकते हैं।
डॉलर को लेकर अमेरिका की चिंता
चीन के इस फैसले को अमेरिका हल्के में नहीं ले रहा है। डॉलर अभी भी दुनिया की सबसे मजबूत मुद्रा है, लेकिन चीन जैसे बड़े देश का अलग रास्ता चुनना चिंता की बात हो सकती है। अगर भविष्य में और देश डॉलर से हटकर दूसरे विकल्प अपनाते हैं, तो अमेरिका की आर्थिक ताकत पर असर पड़ सकता है। हालांकि फिलहाल डॉलर की स्थिति मजबूत बनी हुई है।
भविष्य में क्या देखने को मिल सकता ह
आने वाले समय में दुनिया एक से ज्यादा मजबूत मुद्राओं की तरफ बढ़ सकती है। डॉलर पूरी तरह खत्म नहीं होगा, लेकिन उसका दबदबा थोड़ा कम हो सकता है। चीन का यह कदम बाकी देशों को भी अपने अपने सिस्टम मजबूत करने के लिए प्रेरित कर सकता है। इसका मतलब है कि वैश्विक मनी सिस्टम ज्यादा बंटा हुआ और संतुलित हो सकता है। China Currency Explainer: नए साल में चीन का बड़ा कदम, मनी सिस्टम बदला तो डॉलर पर क्या असर पड़ेगा
निष्कर्ष
चीन का मनी सिस्टम बदलने का फैसला एक बड़ा और दूरगामी कदम है। इसका मकसद डॉलर पर निर्भरता कम करना और अपनी आर्थिक ताकत को मजबूत करना है। डॉलर की स्थिति अभी मजबूत है, लेकिन भविष्य में वैश्विक मुद्रा व्यवस्था में संतुलन बदल सकता है। आने वाले सालों में यह साफ होगा कि चीन का यह कदम कितना असरदार साबित होता है और दुनिया इसे किस तरह अपनाती है।